डेंगू से बचाव
*डेंगू बुखार फैल रहा है। अपने घुटनों से पैर के पंजे तक 200 एम.एल.नारियल के तेल में 2 कपूर बट्टी गर्म करके मिला हुवा (coconut oil) लगायें। यह एक एंटीबायोटिक परत की तरह सुबह से शाम तक काम करता है। 👍🏻डेंगू का मच्छर घुटनों तक की ऊँचाई से ज्यादा नही उड़ सकता है।*
किसी को dengu हुआ हो तो हरी ईलायची के दानो को मुँख में दोनो तरफ रखे, ख्याल रहे , चबाये नही. खाली मुँख में रखने से ही खून के कण नार्मल और प्लेटलेट्स तुरंत ही बढ़ जाते हैं । और पपीते के कोमल पत्ते का ताजा रस निकालकर शहद के साथ सेवन करने से भी प्लेटलेट तुरंत ही बढ़ने लगते है ।
यह संदेश सभी को भेजने की नम्र विनंती है .डेंगू को 48 घंटे मे समाप्त
करने की क्षमता रखने वाली
आयुर्वेदिक पतंजलि डेंगू नील वटी भी लाभदायक है
भेजे महत्वपूर्ण सूचना :-
*यदि किसी को डेगूँ या साधारण बुखार के कारण प्लेटलेट्स कम हो गयी है तो एक पतंजलि की डेंगू निल वटी दवा आपके शहर के पतंजलि चिकित्सालय मंगलम काम्प्लेक्स पर भी उपलब्ध हो जायेगी*
इंसमे निम्न घटक हैऑ
पपाया (पपीते के पत्ते)
गिलोय ,एलोवेरा,अनारदाना ,तुलसी आदि से बनाया गया है।
इसकी 1 से 2 गोली खाली पेट सुबह शाम खिलाये
यदि आप पुण्यं कमाना चाहते हैं तो यह संदेश धर्म-प्रसाद मान कर सभी को प्रेषित करे
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